पिता

पिता…पिता जीवन है, सम्बल है, शक्ति है,
पिता…पिता सृष्टी मे निर्माण की अभिव्यक्ती है,
पिता अँगुली पकडे बच्चे का सहारा है,
पिता कभी कुछ खट्टा कभी खारा है,
पिता…पिता पालन है, पोषण है, परिवार का अनुशासन है,
पिता…पिता धौंस से चलना वाला प्रेम का प्रशासन है,
पिता…पिता रोटी है, कपडा है, मकान है,
पिता…पिता छोटे से परिंदे का बडा आसमान है,
पिता…पिता अप्रदर्शित-अनंत प्यार है,
पिता है तो बच्चों को इंतज़ार है,
पिता से ही बच्चों के ढेर सारे सपने हैं,
** पिता है तो बाज़ार के सब खिलौने अपने हैं,
पिता से परिवार में प्रतिपल राग है,
पिता से ही माँ की बिंदी और सुहाग है,
पिता परमात्मा की जगत के प्रति आसक्ती है,
पिता गृहस्थ आश्रम में उच्च स्थिती की भक्ती है,
पिता अपनी इच्छाओं का हनन और परिवार की पूर्ती है,
पिता…पिता रक्त निगले हुए संस्कारों की मूर्ती है,
पिता…पिता एक जीवन को जीवन का दान है,
पिता…पिता दुनिया दिखाने का एहसान है,
पिता…पिता सुरक्षा है, अगर सिर पर हाथ है,
पिता नहीं तो बचपन अनाथ है,
पिता नहीं तो बचपन अनाथ है,
तो पिता से बडा तुम अपना नाम करो,
पिता का अपमान नहीं उनपर अभिमान करो,
क्योंकि माँ-बाप की कमी को कोई बाँट नहीं सकता,
और ईश्वर भी इनके आशिषों को काट नहीं सकता,
विश्व में किसी भी देवता का स्थान दूजा है,
माँ-बाप की सेवा ही सबसे बडी पूजा है,
विश्व में किसी भी तिर्थ की यात्रा व्यर्थ हैं,
यदि बेटे के होते माँ-बाप असमर्थ हैं,
वो खुशनसीब हैं माँ-बाप जिनके साथ होते हैं,
क्योंकि माँ-बाप के आशिषों के हाथ हज़ारों हाथ होते हैं
क्योंकि माँ-बाप के आशिषों के हाथ हज़ारों हाथ होते हैं

** यह लाइन मुझे हिला कर रख देती है.. हर बार भोलू का चेहरा मेरी आँखों के सामने घूम जाता है

Advertisements

10 Responses

  1. बहुत सुन्दर दिल को छूती हुई रचना है। आपकी रचना पढ़ कर अपने पिता की याद ताजा हो आई।धन्यवाद।

  2. ma ke bre me to bahut pada par pita ke bare me bhi pad kar dhanya ho gaye ham

    bahut achha laga pad kar bahut khub

    http://kavyawani.blogspot.com/

  3. pita ke prati maan ki bhavnao ko khoobsurti si ukera hai apne.

    • तन्मय जी,
      सारी कवितायेँ मेरे बड़े भाई स्व. ओम व्यास ‘ओम’ जी की लिखी हुयी है| मै तो सिर्फ इन्हें ब्लॉग पर ले कर आया हूँ | कृपया ब्लॉग visit करते रहे और अपनी टिप्पणिया दर्ज करते रहे|

  4. last 10 line are mindblowing. Congratulations to Mr. Vyas for for such lines. EK EK SHABD DIL KO CHUNE WALA HAI.

  5. AAp ki rachna bohot hi sunder hai bhagavan apko lambi umr de kyon ki jo likhta itna achha hai wo kisi ka pita kitna achha hoga

  6. कल 17/06/2012 को आपकी यह पोस्ट http://nayi-purani-halchal.blogspot.in पर लिंक की जा रही हैं.आपके सुझावों का स्वागत है .
    धन्यवाद!

  7. Meri zindgi badal gayi iss kavita ko padhne ke baad… Shabd me woh jadoo hai ki jab mai yeh lines super dancer ke manch par padh raha tha toh mere aansu ruk nahi rahe the.. Om sir ki kavitayen unki lekhni sada amar hai.

एक उत्तर दें

Fill in your details below or click an icon to log in:

WordPress.com Logo

You are commenting using your WordPress.com account. Log Out / बदले )

Twitter picture

You are commenting using your Twitter account. Log Out / बदले )

Facebook photo

You are commenting using your Facebook account. Log Out / बदले )

Google+ photo

You are commenting using your Google+ account. Log Out / बदले )

Connecting to %s

%d bloggers like this: