इनडोर प्लांट

 

मेरे घर की बैठक में रखे है – कई गमले

लगे कई

इनडोर प्लांट्स

जिनमे फूल नहीं खिलते, फल भी नहीं आते

और खुशबू भे नहीं दे पाते हैं –

बेचारे

पर – फिर भी वे सब प्यारे हैं मुझे

 

जिंदगी के मकान में,

दिल की बैठक में

मैंने भी लगा रखा है – एक गमला

लगाया है ‘स्नेह’ का एक इनडोर प्लांट

यह जानते हुए भी कि, वह

फल, फूल नहीं देता

पर प्रेम की खुशबू का स्वाद मुझे जिजीविषा देता है

और… मैं ! तुम्हारी प्रतीक्षा में

स्नेह सहित … सींचता हूँ

सपनों कि बगिया को…

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